गर्भावस्था में देखभाल कैसे करें | Pregnant Care Tips In Hindi

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Pregnant care tips in hindi

माँ बनना किसी भी महिला के लिए जीवन के सबसे बड़े उपहार जैसा होता है | ये खबर सुनने के लिए हर महिला बेताब रहती है | वैसे तो गर्भ धारण के कुछ लक्षण साफ दिखाई दिख जाते है | जब कोई औरत माँ बनती है तो औरत कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, या हम कहे सकते है की औरत को पह ली बार माँ बनना उसके लिए एक Challenging का काम होता है |

जब कोई औरत Pregnant हो जाती है तो उसके शरीर में पहले की अपेक्षा कई तरह के बदलाव (Changes) शुरू हो जाते है, ये बदलाव पहले महीने में ही शुरू हो जाते है और Delivery के कुछ महीने बाद तक रहता है |

आज देखा जाता है, की कुछ महिलाओं को पता ही नहीं होता है, की Pregnancy में क्या करे क्या ना करे या Pregnancy में कौन कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिये | जिस कारण उन्हें Pregnancy के शुरुआती महीनों में काफी समस्या होती है, लेकिन इसीलिए आज हम आपको बताने जा है की pregnancy के पहले महीने में महिला को क्या करना या क्या नही करना चाहिए और Pregnancy के पहले में महीने में महिला को क्या खाना चाहिए या फिर किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए | इसके बारे में विस्तार से जानेंगे सो इस लिये इस लेख को अंत तक पढ़े आपके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है |

गर्भावस्था के संकेत हिंदी में | Pregnancy Ke Lakshan In Hindi

कई बार ऐसा होता है, की महिलाये समय से गर्भ धारण के लक्षणों को समझ ही नहीं पाती है, जिस कारण उन्हें स्वास्थ संबंधित समस्याओं के होने का ख़तरा बढ़ जाता है | परन्तु अब आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है | क्योंकि हमने नीचे Pregnancy का पता कैसे लगाए, इसके कुछ लक्षण के बारे में बताया है |

अगर आप ये जानना चाहते है, की घर पर ही पता लगा ले की आप Pregnant है या नहीं और आप सोच रहे है की आपको हॉस्पिटल ना जाना पड़े तो आपके लिए नीचे दिए Points बहुत ही जरूरी है | वैसे मैं आपको बता दूँ की शुरू के दो हफ्ते तक तो Pregnant होने के लक्षण कम दिखते है, चलिए हम आपको कुछ ऐसे लक्षण बताते है जिस आप आसानी से घर पर ही अपनी Pregnancy का पता लगा सकती है |

माहवारी का ना आना

जो महिलाये स्वस्थ्य होती है, उन्हें माहवारी प्रतिमाह या एक निश्चित समय पर ज़रूर आती है, गर्भ धारण करते ही ये बंद हो जाती है | तो अगर आपको माहवारी आना बंद हो गया है, तो समझो आप Pregnant है, ये गर्भ धारण का सबसे पहल लक्षण माना जाता है |

बार-बार पेशाब आना

अगर कोई भी महिला गर्भ से है तो उसे बार-बार पेशाब आने लगती है अगर आप प्रेग्नेंट है, तो आपको लगभग आधे घंटे में पेशाब आना शुरू हो जायेगा अगर आप Pregnant होते है, तो आपके शरीर में हार्मोन्स में परिवर्तन आने की वजह से किडनी में रक्त का प्रभाव तेज़ होने लगता है.और मूत्राशय में पेशाब जल्दी भर जाता है,जिस कारण पेशाब बार-बार होने की समस्या आती है |

उल्टी आना

अधिकतर महिलाये जब भी Pregnant होती है, तो उन्हें दिन में कई बार उल्टी आने लगती है,अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है | तो आप समझ लेना की आप गर्भ से है |

गर्भावस्था परीक्षण कैसे करें | Pregnancy Test Kaise Kare in Hindi

गर्भावस्था में देखभाल, प्रेगनेंसी केयर टिप्स - Garbhavastha Me Dekhbhal, Pregnancy Care Tips in Hindi

यदि First हफ्ते से First महीने में ही अगर Pregnancy का पता चल जाये तो समय पर जरूरी उपाय किये जा सकते है | जैसे की कोई लड़की या महिला गर्भवती होना नहीं चाहती है, तो वो शुरुआती लक्षण देख कर Pregnant होने से बच सकती है | वैसे से तो आज Pregnancy का पता लगाने के लिए बाजार में भी कई तरह के Tools उपलब्ध है जो निम्लिखित है |

  • बाजार में मिलने वाली Pregnancy Test Kit की मदद से महिला के पेशाब की कीच बूंदों को डालकर कर सकते है
  • गर्व जानने के लिए डॉक्टर की सलाह पर ब्लड या यूरिन टेस्ट करवाया जा सकता है |
  • अल्ट्रासाउंड की मदद से भी गर्वावस्था पुष्टि की जा सकती है यह सबसे अच्छा और सटीक तरीका है |

प्रेगनेंसी के पहले महीने में शरीर में होने वाले बदलाव | Pregnancy ke Pahle Mahine Body Mein Hone Waala Change

  • जब आप सुबह उठती है और अगर आपको अपने स्तनों में भारीपन सा लग रहा है, तो ये भी गर्भवस्था के लक्षण हो सकते है |
  • Pregnacy के शुरुआती दिनों में महिलाओँ के शरीर के शरीर के कुछ हिस्से का भाग विशेष रूप से गर्दन, और चेहरे की त्वचा का रंग साबला हो जाता है |
  • महिला के प्रेग्नेंट होने के लगभग एक महीने बाद ही बढ़ते बच्चे के साथ साथ महिला के पेट का आकर भी बढ़ने लगता है |
  • महिला के Pregnant होने के लगभग 8 से 10 हफ्ते बाद ही Pregnant महिला की पैरों की नसे नीली और उभरी दिखने लगती है |

गर्भावस्था के 1 महीने में क्या खाएं | Pregnancy Ke 1st Month Mein Kya Khaaye

जब कोई औरत Pregnant हो जाती है, तब शुरुआत में Pregnancy के दौरान औरतों का कुछ खाने पीने का मन नहीं करता है | पर ऐसा बिलकुल नहीं करना है, इससे आपके और आपके बच्चे के ऊपर बुरा असर पड़ सकता है इसलिए औरत को Pregnancy के शुरुआती दिनों में संतुलित आहार लेना बहुत जरूरी है |

इससे आपका और आपके बच्चे का स्वस्थ्य सही रहेगा और आपको Delivery के दौरान ज्यादा परेशानियो का सामना करना नहीं पड़ेगा और अगर आप संतुलित आहार नहीं लेंगी आप और आपका बच्चा दोनों अस्वस्थ्य हो सकते है |

गर्भ अवस्था के शुरुआती महीनों में महिला को अपनी डाइट पर विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि डाइट पर ही महिला के गर्व में पल रहे शिशु का ग्रोथ निर्भर करता है | महिला को गर्व के शुरुआती में किस डाइट को अपने आहार में शामिल करना चाहिए इसके लिए नीचे पढ़े:-

  • महिला और महिला के गर्व में में पल रहे शिशु के लिए सबसे ज्यादा आयरन की जरूरत होती है तो इसकी पर्याप्त मात्रा पाने के लिए आप चकुंदर,दलिया, पालक आदि को अपने आहार में शामिल कर सकती है |
  • शुरुआती दिनों में Pregnancy कर दौरान शरीर मे विटामिन बी की पर्याप्त मात्रा को पूरा करने के लिए अनाज,Fruits, केला आदि का सेवन करे |
  • Pregnancy के दौरान फलों का सेवन करना सबसे आवश्यक होता है इसलिए गर्व के शुरुआती महीनों में संतरा,अनार,सेब केला आदि को अपनी डाइट में ज़रूर शामिल करें |

गर्भावस्था के 1 महीने में क्या नहीं खाएं | Pregnancy Ke 1st Month Mein Kya Nahi Khaaye

किसी भी गर्भवती महिला के लिए Pregnancy का पहला महीन बड़ा परेशानी बल होता है ऐसे में हर माँ के लिए अपने बच्चे को सेव रखना काफी जरूरी होता है, लेकिन pregnancy के दौरान कुछ चीजें खाने से गर्ववति महिला के लिए काफी नुकसान दायक हो सकता है नीचे हमने कुछ चिजो के बारे में बताया है जिन्हें Pregnancy के दौरान बिल्कुल नही खाना चहिये |

  • एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए की Pregnancy के दौरान मसाले बाले भोजन तो बिलकुल भी नहीं खाना चाहिए |
  • गर्व के पहले महीने में पपीता, अनन्नास जैसे फल ना खाये |
  • दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योकि ज्यादा दवाइयों के सेवन से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है |
  • Pregnant और स्‍तनपान करवाने वाली महिला को भूलकर भी ऐलोवेरा या उसके जूस का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे गर्भाशय के संकुचन का खतरा रहता है, जिसके चलते गर्भपात या फिर गर्भस्‍थ शिशु में विकृति हो सकती है।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को AloeVera Juice लेना सख्त मना है। यह गर्भवती महिलाओं में गर्भाशय के संकुचन को प्रोत्साहित कर सकता है, जिससे गर्भपात और जन्म दोष हो सकते हैं |

गर्भावस्था के पहले महीने में क्या ध्यान रखना चाहिए | Pregnancy Ke Pahle Mahine Mein Kya Dhyan Rakhna Chahiye | Pregnant Care Tips In Hindi

  • Pregnancy के दौरान जितना हो सके प्रोटीन खाये क्योंकि प्रोटीन विकास बहुत महत्वपूर्ण है, आप दाल, दूध से प्रोटीन पर्याप्त कर सकती है |
  • गर्भावस्था में फल का सेवन करना बहुत जरूरी है |
  • ज्यादा गर्म चीजों का सेवन न करे |
  • गर्भावस्था में ज्यादा व्यायाम नहीं करना चाहिए |
  • रात्रि को देर तक न जागे |
  • उलटी,पेट दर्द जैसी समस्या के ज्यादा होने पर डॉक्टर से परामर्श ज़रूर ले |
  • बाथरूम में खड़े होकर स्नान करने की वजह आराम से बैठकर स्नान करे |
  • ऐसे समय में ज्यादा तंग कपड़े ना पहने ढीलीढाली कपड़े ही पहने |
  • धूम्रपान ना करे |
  • दिमाग मे ज्यादा नकारात्मक ख्याल ना |
  • Pregnancy के दौरान ज्यादा लंबी यात्रा ना करे |

गर्भावस्था के पहले महीने में क्या न करें | Pregnancy Ke Pahle Mahine Kya Nahi Karna Chahiye

भारी सामान ना उठाये

Pregnancy के शुरुआती दिनों में भारी सामान बिलकुल भी नहीं उठाना चाहिए अगर आप Pregnancy के शुरुआती महीनों में भारी सामान उठाती है, तो इससे आपको काफी दिक्कत आ सकती है |

मतलब इससे गर्भपात का ख़तरा बढ़ जाता है | इसलिए कोशिश करे की Pregnancy के शुरुआती महीनों दौरान ज्यादा भारी सामान बिलकुल भी ना उठाये और ना ही झुक कर ज्यादा देर कोई काम करे |

ज्यादा दवाइयों का सेवन ना करे

जब कोई भी औरत गर्भावस्था में होती है, तब उसके शरीर में कई तरह के बदलाव आते है,जिसके कारण गर्भावस्था के समय शरीर में कही ना कही दर्द होने लगता है, तो ऐसे में आपको दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ज्यादा दवाइयों के सेवन से गर्भपात का ख़तरा बढ़ जाता है, और दवाइयों का असर आपके बच्चे के ऊपर भी पड़ सकता है | इसलिए बिना डॉक्टर की Permission के बिना दवाइयाँ का सेवन बिलकुल भी ना करे |

प्रेग्नेंट महिला के लिए व्यायाम | Pregnant Women Ke Liye Exercise

Pregnancy में किसी भी महिला के लिए शारीरिक रूप से सक्रिय रहने बेहद जरूरी हैं | शरीर को सक्रिय करने के लिए महिला को अपनी दिनचर्या को सक्रिय रखना होगा इसके लिए आप अपनी दिनचर्या में कुछ Exercise कर सकती है |

Exercise करने से गर्भवती महिला को लेबर पेन को सहन और प्रसव को सुरक्षित करने में मदद करती है | आप Pregnancy मे किन Exercise को कर सकती है वो निम्नलिखित है:-

  • ज़मीन पर बैठकर गहरी सांस ले और कुछ देर बाद इसे मुहँ से छोड़ दे 5 से 6 पर ऐसा कर सकती है |
  • योग गुरु की सलाह पर गर्ववति महिलाएं शुरुआती दिनों में योग भी कर सकती हैं |
  •  गर्भवती महिलाएं शुरुआती महीने में 10 से 15 दिन के अंतराल में तैराकी कर सकती है यह गर्व में किसी भी महिला के लिए तैराकी सबसे असरदार व्यायाम माना जाता है |

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख गर्भावस्था में देखभाल कैसे करें (गर्भावस्था में देखभाल कैसे करें | Pregnant Care Tips In Hindi) जरूर पसंद आई होगी | हमारी हमेशा से यही कोशिश रही है की Readers को Pregnancy के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की जाए जिससे की उन्हें किसी दूसरे Site या Internet में उस Article के सन्दर्भ में खोजने की ज़रुरत ही नहीं है |

इससे उनकी समय की भी बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सारी Information भी मिल जाएगी | यदि आपके मन में इस आर्टिकल को लेकर कोई भी doubt है या आप चाहते है की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तो इसके लिए आप निचे Comment Section में अपनी राय दे सकते है |

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